पूर्णिया में बारिश-उमस का डबल अटैक, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

पूर्णिया में बारिश-उमस का डबल अटैक, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट

जब सुबह की ठंडी हवा में पहली बूंदें गिरीं, तो लगा कि गर्मी से राहत मिल गई। लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की चेतावनी कहती है कि यह राहत काल्पनिक है। पूर्णिया और आसपास के जिलों पर अब 'डबल अटैक' टूट पड़ने वाला है—एक तरफ भारी बारिश और तेज हवाएं, दूसरी तरफ असहनीय उमस। यह स्थिति 26 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई तक बना रहेगी।

यहाँ बात सिर्फ थोड़ी सी बूंदाबांदी की नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसका मतलब है कि अगर आप दोपहर या शाम के समय घर से निकलते हैं, तो आपको न सिर्फ भीगना होगा, बल्कि चिपचिपी गर्मी और तेज धूल भरी हवाओं का भी सामना करना पड़ेगा। सवाल यह है कि क्या हम तैयार हैं?

मौसम का बदला हुआ चेहरा: डेटा क्या कहता है?

आंकड़े हमेशा सच बताते हैं। 26 मई 2026 को पूर्णिया में तापमान 26.05°C दर्ज किया गया था, जो कि सामान्य दिनों की तुलना में कम लग सकता है। लेकिन जब नमी का स्तर 70% तक पहुंच जाता है, तो शरीर पसीना बाष्पीकरण के जरिए ठंडा करने में असमर्थ हो जाता है। अधिकतम तापमान 33.99°C और न्यूनतम 25.31°C के आसपास रहने का अनुमान है।

दोपहर के समय सूर्योदय 04:50 AM और सूर्यास्त 06:24 PM बजे होने के कारण दिन लंबे हैं, जिससे उमस का प्रभाव बढ़ जाता है। वायुमंडलीय दबाव 1005 के स्तर पर स्थिर है, लेकिन हवा की दिशा और झोंकों की गति (12.03 किमी/घंटा) में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थिरता अगले कुछ दिनों में और बढ़ सकती है।

किस क्षेत्र को किस खतरे का सामना करना है?

बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से में मौसम का रुख पूरी तरह बदल चुका है। IMD ने अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और सुपौल जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में वज्रपात की संभावना भी बना हुई है।

इधर, राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में स्थिति बेहद गंभीर है। औरंगाबाद, भभुआ, बक्सर और रोहतास जिलों में लू (हीटवेव) के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। देहरा में सोमवार, 25 मई 2026 को सीजन का सर्वोच्च अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अब तक का नौवां और मई महीने का पांचवां सबसे ऊंचा तापमान है।

  • उत्तर-पूर्व बिहार: आंधी-पानी और वज्रपात का खतरा।
  • दक्षिण-पश्चिम बिहार: भयंकर गर्मी और लू की मार।
  • पटना: उमस और गर्मी का मिश्रण, हालांकि तापमान में 2 डिग्री की कमी आई है।
किसानों और यात्रियों के लिए सलाह

किसानों और यात्रियों के लिए सलाह

बारिश और तेज हवा का असर सीधे तौर पर खेती और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवा से फसलें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, यात्रियों को मजबूरी के बिना घर से न निकलने और सफर से पहले मौसम अपडेट देखने की अपील की गई है।

खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है। मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले चार दिनों तक कभी बारिश तो कभी उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। इसलिए, अपने कार्यक्रमों में लचीलापन रखना ही बुद्धिमानी होगी।

आगे क्या? मौसम की भविष्यवाणी

आगे क्या? मौसम की भविष्यवाणी

खुशखबरी यह है कि मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों के भीतर बिहार के कई जिलों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक की गिरावट आने के आसार हैं। इससे लोगों को भयंकर तपन से थोड़ी राहत मिल सकती है। बिहार के 19 शहरों के अधिकतम तापमान में थोड़ी कमी दर्ज की गई है।

हालांकि, पूर्णिया में अगले चार दिनों तक मौसम अस्थिर रहेगा। उत्तर-पूर्वी बिहार और सीमांचल के इलाकों में बारिश की संभावना बना रहेगी, जबकि दक्षिण-पश्चिमी जिलों में गर्मी और लू लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। IMD ने 26 मई से 30 मई तक जारी किए गए अलर्ट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

Frequently Asked Questions

पूर्णिया में येलो अलर्ट कब तक लागू रहेगा?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी येलो अलर्ट 26 मई 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक लागू रहेगा। इस दौरान बारिश और उमस का संयुक्त प्रभाव महसूस किया जाएगा।

क्या पूर्णिया में हवा की रफ्तार खतरनाक स्तर पर पहुंच सकती है?

हां, IMD के अनुसार हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे छोटे पेड़ों के टूटने और बिजली की तारों के टूटने का खतरा बना रहता है, इसलिए सावधानी बरतनी चाहिए।

बिहार के अन्य भागों में मौसम कैसा रहेगा?

उत्तर-पूर्वी जिलों में बारिश और आंधी का खतरा है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी जिलों जैसे औरंगाबाद और भभुआ में लू के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी है। देहरा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।

क्या अगले कुछ दिनों में तापमान में गिरावट आएगी?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले दो दिनों में बिहार के कई जिलों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

नागरिकों को इस मौसम में क्या सावधानियां अपनानी चाहिए?

नागरिकों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही घर से निकलें और बारिश के दौरान वज्रपात के खतरे को ध्यान में रखें। किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।